
लखनऊ और अवध सदा से अपनी विशिष्ट संस्कृति के लिए विख्यात रहा है। नज़ाकत और नफासत के लिए विशेष रूप से जानी जाने वाली लखनवी संस्कृति आज भी वहां के जन मानस में ज़िन्दा है। वहां के निवासियों का यह कहना सच ही है कि "हम फ़िदा-ए-लखनऊ", "लखनऊ हम पे फ़िदा"। जीवन भर लखनऊ में रहने वाले प्रसिद्ध साहित्यकार अमृतलाल नागर की ये कहानियाँ मनोरंजन के साथ लखनऊ के जनजीवन के हर पहलू को उजागर करती हैं।
Choose a currency below to display product prices in the selected currency.