सुपरिचित साहित्यकार हिमांशु जोशी की नई कृति है — "यातना-शिविर में"।
इस महत्त्वपूर्ण पुस्तक को लिखने के लिए उन्होंने कई बार अंडमान की यात्रा की — अंडमान जिसे "काला पानी" कहा जाता था और जहाँ देश की स्वतन्त्रता के लिए संघर्ष करने वाले देशभक्तों को तिल-तिल करके यातनाओं को सहना पड़ता था, कोल्हू के आगे बैल की तरह जुतना पड़ता था और अनेक नारकीय यातनाएँ सहनी पड़ती थीं। अनेक देशभक्तों ने वहीं प्राणों की बलि दी। यह हमारी आज़ादी के इतिहास का बहुत ही लोमहर्षक और रोमांचक अध्याय है। इसी को हिमांशु जोशी ने कहानी-शैली में प्रस्तुत किया है।
एक अत्यन्त रोचक और प्रेरणात्मक कृति
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